योगसार!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगसार – आचार्य यागेन्दु देव द्वारा रचित 108 दोहा प्रमाण अपभ्रंष अध्यात्मिक ग्रंथ। Yogasara-Name of the treatise
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगसार – आचार्य यागेन्दु देव द्वारा रचित 108 दोहा प्रमाण अपभ्रंष अध्यात्मिक ग्रंथ। Yogasara-Name of the treatise
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रस्तर- स्वर्ग लोक के श्रेणीवद्ध और प्रकीर्णक विमान प्रस्तर कहलाते हैं, एक विधा; इससे षिला उत्पन्न करके उससे किसी को ढ़का या दवाया जा सकता है। Prastara- Stratum, sequential & scattered heavenly abodes, a kind of super power of producing a heavy stone for covering something
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रस परित्याग – बाहय तप के 6 भेदों में एक, दूध, दही, धी, तेल, गुड, षक्कर, नमक इन 6 रसो में से सभी रस या एक या दो रस का त्याग करना। Rasa Parityga- Giving up of Patricular 6 kinds of taste
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशांति क्रिया- गर्भान्वय की एक क्रिया; अपने पुत्र को गृहस्थ का भार सौपकर विरä विरत्त हो धर्म का पालन करते हुए शांत वृत्ति से रहना। Prasanti Kriya- An auspicious & sacred act of entrusting homely responsibilities to the son for engaging in religious observances
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविशेण – वि सं 734 में पùपुराण के रचियता एक आचार्य। Ravisena- name of an Acharya who wrote Jain Ramayan called as ‘Padmapuarn’
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बघेरवाल- जैनों की 84 जातियों में से एक जाति का नाम। Baghervala- name of a jaina caste
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसायन – विधिपूर्वक सोना अदि धातुओं से बनायी गयी औशधी वर्तमान में खनिज एवं वनस्पति आदिक से जो औशधिया बनती है इन्हें भी रसायन कहते है। Rasayana-Ayurvedic medicines
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रोषधोपवास – पर्व (अश्टमी, चतुर्दषी आदि) के दिनों में चारों पगाकर के आहार का त्याग करके धर्म ध्यान में दिन व्यतीत करना। Prosadhopvasa- fasting (on 8th & 14th day etc of each fortnight
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयमलब्धि – Sanyamalabdhi. Attainment of restraints (after destruction of passions). क्षीण या अक्षीण अनंतानुबंधी कषायों का उदयाभावी क्षय होने पर तथा प्रत्याख्यानावरण कषायों का उदयाभावी क्षय या सदवस्था उपशम होने पर और संज्वलन तथा नोकषायों का उदय होने पर संयम लब्धि होती हैं “
गुणावां (तीर्थ) Name of a place in Navada district of Bihar which is the salvation land of the first chief disciple (Gandhar) of Lord Mahavira. भगवान महावीर के प्रथम गणधर श्री गौतम स्वामी की निर्वाणभूमि . बिहार प्रान्त के नवादा जिले में स्थित इस तीर्थ पर पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से नवनिर्मित…