ऋतु!
ऋतु Season, Name of first Patal (layer) and Indrak of Saudharm heaven. मौसम (ऋतु-ये छः होती है-ग्रीश्म , शीत, वर्षा, हेमन्त, वसन्त, शिशिर), सौर्धकम सवर्ग का प्रथम पटल व इन्द्रक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ऋतु Season, Name of first Patal (layer) and Indrak of Saudharm heaven. मौसम (ऋतु-ये छः होती है-ग्रीश्म , शीत, वर्षा, हेमन्त, वसन्त, शिशिर), सौर्धकम सवर्ग का प्रथम पटल व इन्द्रक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्विरूप घनाघन धारा Dyadic cube non cube sequence. 14 धाराओं में एक 2 के घन का घन करके फिर वर्ग करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सापेक्ष दृष्टि – Saapeksha Drshti. Relativity. स्याद्धाद । जो वस्तु अनेकांत रूप है वही सापेक्ष दृष्टि से एकान्त भी है। श्रुतज्ञान की अपेक्षा अनेकांत रूप है और नय की अपेक्षा एकांत रूप है। बिना अपेक्षा के वस्तु का स्वरूप नही देखा जा सकता ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधित – Saadhita. Adored, Achieved, Accomplished. स्ंसिद्धि, राध, सिद्ध, साधित और आराधित ये शब्द एकार्थक है ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधारण नामकर्म प्रकृति – Saadhaarana Namakarama Prakrti. Physique making Karmic nature causing single body Possessed by infinite beings. नामकर्म की एक प्रकृति, जिसके उदय से ऐसा शरीर प्राप्त हो जिसके अनंत जीव स्वामी हों । जो एक साथ जन्में, श्वास ले व मर जाये ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभूति – Vibhuti. Dominion, Prosperity, Grangeur, The 49 promi-nent luxuries of Chakravarti (emperor). वैभव, समृध्दि, प्रतिष्ठा, चक्रवर्ती की ४९ प्रकार की भोग सामग्री “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सादि मिथ्यादृष्टि – Saadi Mithyaadrsti. One degraded from the right path. सम्यग्दर्शन को प्राप्त करने के उपरांत जो जीव गिरकर पुनः मिथ्यादृष्टि हो जाता है उसे सादि-मिथ्यादृष्टि कहते है।
द्वितीय शुक्लध्यान Second supreme meditation; an attainment of 12th stage of spiritual development (Gunsthan).एकत्ववितर्क शुक्लध्यान, यह 12 वें गुणस्थान में होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]