तत्!
तत् The same (pronoun), that thing, A stringed musical instrument. सर्वनाम पद पूर्व प्रकरण में आये हुए अर्थ का परामर्शक होता है तार से बजाये जाने वाले वीणा आदि वाद्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत् The same (pronoun), that thing, A stringed musical instrument. सर्वनाम पद पूर्व प्रकरण में आये हुए अर्थ का परामर्शक होता है तार से बजाये जाने वाले वीणा आदि वाद्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पति :Husband, the male life partner. यज्ञ, पूजा, प्रतिष्ठा आदि शुभ कार्यो के साथ स्त्री का विववाह जिसके साथ हुआ हो ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेषनय – Vishesha Naya. A particular standpoint believing that the soul is non-extricated. अव्यापकता रूप कथन करने वाला नय ” जैसे – आत्मद्रव्य एक मोती की भांति अव्यांपक है, सदा से रहने वाले नर – नारकादि जीव का बोधन करना विशेष नय हैं “
जघन्य ज्ञान Minimum knowledge. पर्यायज्ञान ; सूक्ष्म निगोदया लब्ध्यपर्याप्तक के सबसे जघन्य ज्ञान होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
णमोंकार यंत्र A metallic plate engraved with some auspic-ious mystic words ¯amokåra Ma´tra or some numbers. णमोकार मंत्र या अंक लिखित धातु की प्लेट । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == क्षणभंगुरता : == जन्म मरणेन समं, सम्पद्यते यौवनं जरासहितम्। लक्ष्मी: विनाशसहिता, इति सर्व भंगुरं जानीत।। —समणसुत्त : ५०७ जन्म मरण के साथ जुड़ा है और यौवन वृद्धावस्था के साथ। लक्ष्मी चंचला है। इस प्रकार (संसार में) सब कुछ क्षणभंगुर है।
छाया-व्याख्या टीका A book written by Nagoji Bhatta. योगदर्शन साहित्य प्रवर्तक नागोजी भट्ट (ई.श. १७) कृत एक रचना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सल्लेखना काल – Sallekhanaa kaala. Time duration of Salekhana (holy death of saints). रागादि विकल्पों के कृष करने रूप भाव सल्लेखना तथा उसी के अर्थ में कायक्लेषादि के अनुष्ठान रूप् द्रव्यसल्लेखना है इन दोनों का आचरण करना सल्लेखना काल है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैक्रियिक शरीर नामकर्म प्रकृति –VaikriyikaSariraNamakarnnaPrakrti. A physique making Karmic nature of the formation of transformable body of deities & hellish beinghs. नामकर्म, जिसके उदय से विकार करने योग्य या बदलने योग्य देव या नारकियों का शरीर प्राप्त हो “