फ!
फ The 22nd consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का बाईसवाँ व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान ओष्ठ है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
फ The 22nd consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का बाईसवाँ व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान ओष्ठ है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुखस्थ कमल–Mukhast Kamal. A type of meditation, to establish ‘Saa’ (a mystic word) into the mouth. पदस्थ धयन की प्रक्रिया के अंतर्गत एक क्रिया, मुख स्तिथि कमल जहा पंचाक्षरी मन्त्र (असिआउसा) के‘सा’ को स्थापित किआ जाता है”
ऊहापोह Uncertainty, In-decision. हेतु का लक्षण अनिश्चय की स्थिति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सागर सिद्व – Saagara Siddha. Beings to be salvated from ocean. समुद्र से सिद्व होने वाले जीव, ये स्तोक होते है।
ऊर्जयंत Called Girnar mountain in Junagarh of Saurashtra. गिरनार पर्वत जहाँ से श्री नेमिनाथ तीथंकर एंव शम्बू अनिरूध प्रद्युम्न सहित 72 करोड़ मुनि मोक्ष गये।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्य महाव्रत – Satya Mahaavrata. Great vow of true speech (right speaking according to text). राग द्वेष या मोह से प्रेरित जैन साधुओं द्वारा सब प्रकार के झूठ वचनों का त्याग करना और आगम के अनुरूप बोलना सत्य महाव्रत है “
चक्रवाल व्रत Name of a vow to be observed with particular procedure at different Nakshatra days related to their respective lunar months. For eg. observing vow at the day of Chitra Nakshatra in the month of Chaitra. प्रत्येक मास से सम्बंधित नक्षत्र में अयह व्रत ३ वर्ष ३ माह तक किया जाता है जैसे -चैत्रमास…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेमराज पांडे – Hemaraaja Pande The disciple of pandit Rupchand, who wrote ‘Pravachansar Tika’ etc. great books. पंडित रुपचंन्द्र के शिष्य। कृतियाॅ-प्रवचनसार टीका, पंचास्तिकाय टीका, भाष्य भक्तामर, गोम्मटसार वचनिका, नयचक्र वचनिका। समय वि.श. 17-18।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेतुत्व – Hetutva. Causative base. कारणपना, जैसे धर्म द्रव्य का लक्ष्ण गमन हेतुत्व है और जीव व पुद्गल के गमन मे धर्म द्रव्य सहकारी होता है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमाध्यात्मतरंगिनी: A book written by Acharya Shubhchandra Bhattarak.आचार्य शुभचन्द्र भटटारक (ई0 1516) कृत एक संस्कृत टीका।