सप्त भय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्त भय – Sapta Bhaya. Seven particular kinds of fear. इह लोक भय, परलोक भय, वेदना भय, मरण भय, अरक्षा भय, अगुप्ति भय, अकस्मात् भय। ये सात भय है जो सम्यग्दृष्टि को नही होते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्त भय – Sapta Bhaya. Seven particular kinds of fear. इह लोक भय, परलोक भय, वेदना भय, मरण भय, अरक्षा भय, अगुप्ति भय, अकस्मात् भय। ये सात भय है जो सम्यग्दृष्टि को नही होते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूधिर – खून, सौधर्म स्वर्ग का दसवां पटल व इन्द्रक। Rudhira- Blood,name of the 10th patal (layer) & Indrak of Saudharma heaven
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्त ऋषि पूजा – Sapta Risi Poojaa. A reverential worshipping book written by Manaranglal. मनरंगलाल (ई. सं. 1850-1890) द्वारा रचित पूजा।
देवताभास A false appearance of deities. देव का आभास देव न होते हुए भी देव जैसा लगना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथ – प्राचीन काल का प्रसिद्ध वाहन, इसमे हाथी घोडे जोते जाते थे। युद्ध के समय राजा इस पर आरूढ होकर समपरांगण मे जाते थे। वर्तमान में रथ पर भगवान विराजमान करके रथ यात्रा निकाली जाती है। Ratha-Chariot
गौणसेन A disciple of Acharya Siddhantsen. आचार्य सिद्धांतसेन के शिष्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सनातन – Sanaatana. A Sankhya thinker, immemorial or eternal. एक सांख्य विचारक, प्राचीन काल से चला आता हुआ क्रम।
देवदर्शन Paying reverence to Lord- Arihant with proper procedure. जिनेन्द्र भगवान का विधिपूर्वक दर्शन करना, जिससे करोड़ों उपवास का फल प्राप्त होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वित्तसार – Vittasaara.: Name of a treatise written in Apabhransh language. श्रावक एवं मुनि धर्म सम्बन्धी अपभ्रंश भाषा का ग्रन्थ (ई.श. 15) “