गजकुमार!
गजकुमार The son of Vasudeva and younger brother of krishna. अनंतकृत केवली वसुदेव का पुत्र, कृष्ण का अनुज, विरक्त होने पर जिसके ससुर सोमशर्मा ने क्रोध्हग्नी के कारन सर पर जलती हुई सिगडी रखी थी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गजकुमार The son of Vasudeva and younger brother of krishna. अनंतकृत केवली वसुदेव का पुत्र, कृष्ण का अनुज, विरक्त होने पर जिसके ससुर सोमशर्मा ने क्रोध्हग्नी के कारन सर पर जलती हुई सिगडी रखी थी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == समाधि : == जो झायइ अप्पाणं, परमसमाही हवे तस्स। —नियमसार : १२३ जो अपनी आत्मा का ध्यान करता है, उसे परम समाधि की प्राप्ति होती है। य इन्द्रियाणां विषया मनोज्ञा:, न तेषु भावं निसृजेत् कदापि। न चामनोज्ञेषु मनोऽपि कुर्यात , समाधिकाम: श्रमणस्तपस्वी।। —समणसुत्त : ४९२ समाधि की कामना…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवृत्ति – प्रमाण से किसी वस्तु को जानकर उसे पाने या छोड़ने की इच्छा सहित चेश्टा करना। Pravrtti- Activity, trend, tendency
गति परिष्पंद Vibrational motion. बाह्य अभ्यंतर निमित्त के वश उत्पन्न होने वाला काय का परिस्पंद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चक्र A wheel, ring, a group, a circular shape, First Patal (layer) of Sanatkumar heaven, Prime jewel of Chakravarti (emperor), See – Dharmacakra. सनत्कुमार स्वर्ग का प्रथम पटल, चक्त्रवारती का एक प्रधान रत्न, देखें- धर्मचक्र ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्याख्यान- pratyakhyana Resolution or determination (for not committing fault) आगामी काल दोश न करने की प्रतिज्ञा करना।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सज्जन-दुर्जन : == सुजणो वि होइ लहुओ, दुज्जणसंमेलणाए दोसेण। माला वि मोल्लगरुया, होदि लहू मउयसंसिट्ठा।। —भगवती आराधना : ३४५ दुर्जन की संगति करने से सज्जन का महत्व गिर जाता है, जैसे कि मूल्यवान माला मुर्दे पर डाल देने से निकम्मी—तुच्छ, त्याज्य हो जाती है। सरिसे वि मणुयजन्मे डहइ…
उद्यवन Devotion of soul towards true knowledge. आत्मा की सम्यग्दर्शनादि परिणति होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]