निर्लेप :!
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष]] == निर्लेप : == चरदि जदं जदि णिच्चं, कमलं व जले णिरुवलेवो। —प्रवचनसार : ३-१८ यदि साधक प्रत्येक कार्य यतना से करता है, तो वह जल में कमल की भाँति निर्लेप रहता है।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष]] == निर्लेप : == चरदि जदं जदि णिच्चं, कमलं व जले णिरुवलेवो। —प्रवचनसार : ३-१८ यदि साधक प्रत्येक कार्य यतना से करता है, तो वह जल में कमल की भाँति निर्लेप रहता है।
छन्ना Filter cloth (a piece of cloth used for filtering the water). जल गालन अर्थात् पानी को छानने का कपड़ा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वात्मभूत – Sarvaatmabhoota. Name of the 5th predestined Jaina-Lord (another name of Sarvayudh) भाविकालीन 5 वें तीर्थकर, अपरनाम सर्वायुध ।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == द्रव्य : == आकाशकालजीवा:, धर्माधर्मौ च र्मूितपरिहीना:। मूर्तं पुद्गलद्रव्यं, जीव: खलु चेतनस्तेषु।। —समणसुत्त : ६२६ आकाश, काल, जीव, धर्म और अधर्म द्रव्य अर्मूितक हैं। पुद्गल द्रव्य र्मूितक है। इन सबमें केवल जीव द्रव्य ही चेतन है। दव्वं सल्लक्खणयं उप्पादव्वयधुवत्तसंजुत्तं। —पंचास्तिकाय : १० द्रव्य का लक्षण सत् है और वह सदा…
छयालीस Forty six (a number). ४६ ; अर्हन्त भगवान के छयालीस गुण इत्यादि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसंक्रमण – Sarvasankramana. All Karmic transition. अंत की फाली में शेष बचे सर्व प्रदेषो का अन्य प्रकृति रूप होना सर्वसंक्रमण है।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यमकूट–Yamkut. Name of a summit at Yamkgiri. यमकगिरी पर स्थित एक कूट”
छेद An infraction of vow of non-violence (piercing the organs of animals), Karmic destruction, Hole, Opening . अहिन्साणुव्रत का एक अतिचार ; पशुओं के कान , नाक आदि अवयवों का भेदना , कर्मों का क्षय , सुराख ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वभद्र – Sarvabhadra. A noble one. A type of peripatetic deities. सुशील यक्ष जाति के व्यंतरों के 12 भेदों में एक भेद ।
उत्तराषाढ़ नक्षत्र Name of a lunar. एक नक्षत्र वृषभदेव का जन्म और दीक्षा इसी नक्षत्र में हुई थी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]