गति परिणाम!
गति परिणाम Nature to go upwards (pre-salvation stage). जीव की ऊर्ध्वगति के स्वभाव का एक भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गति परिणाम Nature to go upwards (pre-salvation stage). जीव की ऊर्ध्वगति के स्वभाव का एक भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीरासन –Virasana. A posture of meditation. ध्यान या कायोत्सर्ग के योग्य एक आसन ” दक्षिण पैर रखना ” अपरनामपश्चाशन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति सत्त्व – Sthiti Sattva. Existing states of karmic binding with soul.जीव से सम्बद्व हुए या संचित कर्म स्कंध दूसरे समय से लेकर फल देने से पहले समय तक सत्त् संबा को प्राप्त होते है। अथवा सत्ता मे स्थित अनेक समयो मे बंधी प्रकृतियो की स्थिति के सत्तव को स्थिति सत्तव कहते है।
गणधर कीर्ति Disciple of Acharya kuvalayachandra. ई. सन् ११३२ में आचार्य कुवलययन्त्र के शिष्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैजयंता –Vaijayanitd Name of a main city of Suvapra region of VidehKshetra (region). विदेह क्षेत्रस्थ सुवप्रा क्षेत्र की प्रधान नगरी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थावर दषक – Sthaavara Dasaka. Particular ten type of karmic natures related to immobile beings.स्थावर, सूक्ष्म, अपर्याप्त, साधारण, अस्थिर, अशुभ, दुर्भग, दुःस्वर, अनादेय, अयशःकीर्ति ये नामकर्म की 10 प्रकृतियाॅ स्थावर दषक कहलाती है।
गजदन्त Mountains having the shape of elephant teeth. विदेह क्षेत्र में सुमेरू पर्वत की चारों दिशाओं में सुमनस, विद्युतप्रभ, माल्यवान, गंधमादक नामक चार गजदंताकार पर्वत ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चलशव A title for the saints having wrong conceptions or belief. मिथ्यादृष्टि साधु की उपाधि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यग्दर्शनार्य – Samyagdarshanaarya. A type of aryas (noble persons). ऋद्वि रहित आर्य के 5 भेदो मे एक भेद। आज्ञा, मार्ग, उपदेष, सूत्र, बीज, सूत्र, संक्षेप, विस्तार, अर्थ, अवगाढ़, परमावगाढ़ रुचि के भेद से दर्शनार्य के 10 भेद है।
गंधोदक वृष्टि One of the excellences of omniscient- showering of sacred fragrant water. अर्हन्तों के केवलज्ञान के अतिशयों में एक ; सुगन्धित जल वर्षा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]