सुरदेव!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरदेव- Suradeva. Name of the 2nd predestined Tirthankar (Jaina-Lord). भावीकालीन दूसरे तीर्थकर ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरदेव- Suradeva. Name of the 2nd predestined Tirthankar (Jaina-Lord). भावीकालीन दूसरे तीर्थकर ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रागांश – Ragamsa Partial Attachment राग का अंश मात्र \ यह भी कर्म बंध का कारण है ” यह दशवे गुढ़इस्थान तक होता है
चतुर्भुज समलम्ब Trapezium. चार भुजाओं वाला चित्र जिसमें आमने-सामने की कोई दो भुजाएं समान्तर होती हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लघुमासिक प्रायश्चित – एक प्रकार की प्रायष्चित विधि। Laghumasika Prayascitta-A kind of repentance
चतुर्विधामर Four types of deities. ४ निकाय के देव -भवनवासी ,व्यंतर ,ज्योतिष्क ,वैमानिक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समपाद तप – Sampaada Tapa. A type of physical mortification standing on feet keeping them straight. कायक्लेश तप का एक भेद। जिसमे दोनो पैर समान रखे जाये।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपरेखा – प्रारूप, कार्य या क्रिया विधि बनाना। Ruparekha-General outline
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यम अनन्त – Madhyam Anant. A mathematical term. एक गणितीय पद ” संख्यामान के 21 भेदों में एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] र – देवनागरी लिपि का सत्ताईसवां व्यंजन अक्षर, इसका उच्चारण स्थान जीभ से अगले भाग की मूर्धा को स्पर्ष करने से होता है। Ra-The 27th consonant of the devanagari syllabary