भाव निक्षेप!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव निक्षेप – Bhava Niksepa. Appropriate establishment of meaning for something. निक्षेप का एक भेद; वर्तमान पर्याय से युक्त द्रव्य ” जैसे- सेवा करने वाले को सेवक कहना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव निक्षेप – Bhava Niksepa. Appropriate establishment of meaning for something. निक्षेप का एक भेद; वर्तमान पर्याय से युक्त द्रव्य ” जैसे- सेवा करने वाले को सेवक कहना “
उपशम सम्यक्त्त्व Subsidential right belief, Subsidential serenity .दर्शन मोहनीय कर्म के उपशम से आत्मा में जो निर्मल श्रद्धान उत्पन्न होता है उसे उपशम सम्यक्त्त्व कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव अप्रतिक्रमण – Bhava Apratikramana. To have attachment with the past passionate volitions. अतीत काल में हुए रागादि भाव को वर्तमान में अच्छा जानना, उनका संस्कार एंव उनके प्रति ममत्व भाव रहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लव – किचित, सात स्तोक प्रमाण काल परित्यक्त सीता के गर्भ से पुण्डरिक के राजा वज्रसंघ के घर उत्पन्न रामचन्द्र के जुडवां पुत्रों लवणांकुष व ननदांकुष में से एक । सामान्यत लवणाकुष को लव और ननदांकुष को कुष के नाम से जाना जाता है। Lava-A unit of time, The son of Lord Ram &…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वास्तुविधान – Vaastuvidhaana.: A special kind of worshipping to be observed specially on the completion of the construction of temple or home for its auspiciousness. मंदिर,मकान आदि की पूर्णता पर उसमें किया जाने वाला एक विशेष पूजा अनुष्ठान ,इसमें वास्तु-भवन के रक्षक देवताओं को आव्हान करके उन्हें संतुष्ट किया जाता है ताकि भवन में…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रक्तशिला – सुमेंरू पर्वत के पाण्डुक वन में स्थित एक षिला, इस पर पूर्व विदेह क्षेत्र के तीर्थकरो का जन्माभिशेक किया जाता है। Raktasila-name of an auspicious large stone (related to the birth anointment ‘Janmabhishek of jaina lords of Videh Kshetra-a region
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्तकथा – Bhaktakatha. Conversation describing about delicious food. विकथा का एक भेद – भोजन कथा; अनेक प्रकार के अशन पान (भोजन) संबंधी गुणदोषों की वार्ता में लिप्त रहना “
एकपदार्थस्थित्व Contents of a matter, Unified, Indistinct. महासत्ता की अवान्तर सत्ता अर्थात् सर्वपदार्थ स्थित्व का सप्रतिपक्ष धर्म।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्तागिरी(तीर्थ)–Muktagiri (Tirtha). Name of a Digambara Jaina place of pilgrimage in Baitul dist. Of Madhya Pradesh from where three and a half crore Munis (saints) got salvation. It’s another name is Medhagiri. मध्य प्रदेश में स्थित सिद्धक्षेत्र; यहा सेसाढ़े तीनकरोड़ मुनि ‘ मोक्ष’ पधारे है, इसेमेढ़ागिरी भी कहते है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुन्नात संघ – Punnata Samgha. A group of Acharyas formed by Acharya Arhadvali. आचार्य अर्हव्दलि द्वारा स्थापित मुनियों के एक संघ का नाम “