देशप्रत्यासत्ति!
देशप्रत्यासत्ति A cause of bonding or co-relation of two matters or elements. संयोग का एक भेद ; दो द्रव्यों के अवयवों का सम्बद्ध रहना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देशप्रत्यासत्ति A cause of bonding or co-relation of two matters or elements. संयोग का एक भेद ; दो द्रव्यों के अवयवों का सम्बद्ध रहना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हस्त – Hasta. Name of the 11th lunar among 28, the foream (a unit of measurement). 28 नक्षत्रों मे 11 वां नक्षत्र, इसका अधिपति देवता दिनकर है, क्षेत्र का एक प्रमाण, 2 विवक्षित वितस्ति ़1 विवक्षित हस्त।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समरंभ-प्रमादी जीवों का प्राणों की हिंसा आदि कार्य में प्रयत्नशील होना समरंभ है”
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिग्रीव – Harigriiva. Name of a great king of Rakshas dynasty. राक्षवसंषी एक यषस्वी राजा। सुग्रीव का पुत्र, श्रीग्रीव का पिता, अंत मे मुनि दीक्षा ग्रहण की।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हनन – Hanana. Multiplication, killing, beating. गणित विधि मे दो राशियो को परस्पर गुणा करना, वध, मारण, आद्यात।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर प्रकाशक:One enlightening others.पर को प्रकाशित करने वाला ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वेदराहित्य – Svedaraahitya. One of the 10 birth excellences of Lord Arihant (to be devoid of sweat). अर्हत भगवान के जन्म के 10 अतिशयो मे प्रथम अतिषय पसीना नही आना।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परतंत्रवाद: Doctrine of dependency on others.दूसरों पर निर्भर रहने का सिद्वांत, आत्मा का दुख सुख भोगने में काल, स्वभाव, नियति आदि पर निर्भर रहना ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनि–Muni. The Jain saint–one having Jaineshvari Diksha (Jain–initiation). सामान्य रूप से निर्ग्रन्थ साधुओ को भी मुनि कहा जाता है” चारित्रसार ग्रंथ में ऋषि, मुनि, यति आदि भेदो द्वारा मनःपर्ययज्ञानी व केवलज्ञानी को भी मुनि कहा है”