वायुकायिक!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वायुकायिक – Vaayukaayika.: Air-bodies beings (one sensed). स्थावर जीवों का एक भेद , वायु ही जिसका शरीर है उसे वायुकायिक जीव कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वायुकायिक – Vaayukaayika.: Air-bodies beings (one sensed). स्थावर जीवों का एक भेद , वायु ही जिसका शरीर है उसे वायुकायिक जीव कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुनर्विवाह – Punarvivaha. Remarriage. एक बार विवाह करने के बाद पुनः दूसरा विवाह करना.प्राचीन भारतीय संस्कृति के अनुसार स्त्रियों का पुनर्विवाह वर्जित है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रिश्टसमुच्चय – आचार्य दुर्गदेव कृत मन्त्र तन्त्र विशयक एक संस्कृत गं्रथ का नाम। समय 11 षताब्दी Ristasamuccaya-name of a book related to mystical theme
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेघ–Megh. Name of the 20th Patal (layer) of Saudharma heaven, Clouds, Name of kings Yadu and Rakshas dynasties. सौधर्म स्वर्ग का20वापटल, बादल; जो संभवनाथ भगवान्, विमलनाथ भगवान् व अभिनंदननाथ के वैराग्य का कारण है, यदु(यादव) वंश एवं रक्षासवंश के राजाओ का नाम”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुद्गलराशि – Pudgalarasi. An infinitely infinite quantity. द्रव्य गणना की अपेक्षा एक सहनानी; १६ख.(सम्पूर्ण जीव राशि का अनंतगुणा) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नमाली – विद्याधर वंष का एक राजा Ratnamali- Name of a king of Vidyadhar Dynasty
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र शल्य–Mishra Shalya. A type of internal sting. द्रव्य शल्य के तीन भेद मै से एक भेद; सचित्त एवं अचित्त दोनों प्रकार के द्रव्यों में ममत्व भाव”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुण्यानुबंधी पुण्य – Punyanubandhi Punya. Right use of possessed right virtues & qualities. पुण्य के उदय से प्राप्त बुध्दि, कौशल आदि क्षमताओं को पुण्यार्जन में लगा देना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोबाहु – आदिनाथ भगवान के 84 गणधरो में एक गणधर का नाम, आचार्य यषोभद्र के षिश्य, इनका अपरनाम आचार्य भद्रबाहु द्वितीय था। यं 8 अंगधारी थे तथा लोहाचार्य – 2 के गुरू थे। समय – वी नि 515 – 565 Yasobahu-Name of a chief disciple of lord Adinath, Also the name of the disciple…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्ध – Shuddha. Pure, free from faults, i.e. sins or errors. विशुद्ध, निर्दोष, विमल ” द्रव्य, स्वभाव, परमभाव, परमार्थ तत्व, शुद्ध, परम ये सब एकार्थवाची हैं “