प्रयुतांग!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयुतांग- काल का एक प्रमाण विषेश। Prayutanga- A time unit
त्रसदशक Ten types of particular Karmic nature (related to mobile beings-Trasa). त्रस , बादर, , पर्याप्त , प्रत्येक, स्थिर, शुभ, सुभग, सुस्वर, आदेय, यशः कीर्ति कर्म प्रकृतियाँ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रथमकोट- समवषरण में स्थित धूलिषाल नामक प्रथमकोट। prathamakota – a creation in the samavsharan – assembly lord
त्रैलोक्य दीपक A book written by Vamdeva. वामदेव (ई. 13-14) द्वारा रचित एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाणाभास- मिथ्याज्ञान; इसके संषय, विपरीत, अनध्यवसाय तीन भेद हैं। Pramanabhasa- Pseudo- organ of knowledge
त्रिषष्ठि शलाका पुरूष Sixty three great personages (who attain salvation through any birth). 24 तीर्थंकर + 12 चक्रवर्ती +9 नारायण +9 प्रतिनारायण +9 बलभद्र ये 63 महापुरूष 63 शलाकापुरूष कहलाते है। प्रथमानुयोग के ग्रंथों में इनका वर्णन पाया जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाण प्रमेयकलिका – आचार्य विद्यानन्दि सं. 1 (ई. 775-840)कृत एक ग्रंथ। PramanaPrameyakalika- A book written by Narendrasen
दिगम्बर आम्नाय A sect of Jaina. जैनों में वह भेद (मत) जो साधु एक भगवान को निग्र्रंथ वस्त्रादि रहित दिगम्बर मानते हैं। वर्तमान में जैन धर्म में दो आम्नाय चली आ रही न दिगम्बर आम्नाय है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्युपेक्षक- जाँच करने वाला ” pratyupeksaka – inspection party, inspector, suryeyor
तुरीय चारित्र A super conduct, to be observed in the 10th stage of spiritual development (Gunsthan). चैथा सूक्ष्मसाम्पराय चारित्र , यह 10 वें गुणस्थान में होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]