05.दशलक्षण धर्म का कथन!
दशलक्षण धर्म का कथन उत्तम क्षमा धर्म का स्वरूप जो मूर्खजनों से किए हुए बंधन अरु हास्य क्रोध में भी। निंह मन में जरा विकार करे समताधारी वह साधू ही।। यह उत्तम क्षमा धार सकते जो मोक्षमार्ग में ले जाती। बाकी हम सब गृहस्थजन से निंह एकदेश पाली जाती।।(८२) यतिरूपी वृक्ष की शाखा है…