अनेकांत क्या है
अनेकान्त क्या है ? प्रस्तुति- गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी (एक चर्चा-वार्ता) माधुरी- बहन श्रीकांता ! आप स्वाध्याय खूब करती हैं । बताइए, अनेकांत किसे कहते हैं ? श्रीकांता- बहन! जैन धर्म का मूल सिद्धान्त अनेकांत ही है, इसलिए इसको समझना बहुत ही जरूरी है, सुनो, मैंने जितना समझा है, उतना तुम्हें समझाती हूँ। प्रत्येक वस्तु…