क्षुल्लिका श्री वीरमती जी की दीक्षाभूमि दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी का परिचय लेखक-कर्मयोगी ब्र रवीन्द्र कुमार जैन दिगम्बर जैन संस्कृति की अमूल्य विरासत अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी तीर्थ वर्तमान में जैनसमाज के लिए सम्पूर्ण भारत का गौरव स्थल है। यह राजस्थान प्रान्त के करौली जिले के हिण्डौन उपखण्ड में गंभीर नदी…
श्रावक के ४ धर्म कसायपाहुड़ आदि ग्रन्थों में श्रावक के चार धर्म-कर्तव्य माने हैं—‘‘दाणं पूजा सीलमुववासो चेदि चउव्विहो सावयधम्मो।’’अर्थात् दान, पूजा, शील और उपवास में चार श्रावकों के धर्म हैं। रयणसार ग्रन्थ में श्री कुन्दकुन्ददेव ने भी श्रावक के ४ धर्म बताए हैं— दाणं पूया सीलं उववासं बहुविहं पि खवणं पि।सम्मजुदं मोक्खसुहं सम्मविणा दीहसंसारं।।१।। दानं…