श्रीनगर में पार्श्वनाथ का अतिशय!
श्रीनगर में पार्श्वनाथ का अतिशय —ब्र. कु. बीना जैन (संघस्थ) उद्दाम विरही ने सन् १८९४ में श्रीनगर को ध्वस्त कर दिया और इस ध्वंस-लीला से यह जैन तीर्थ भी नहीं बच पाया किन्तु प्रतिमाएँ सुरक्षित रहीं। स्व.लाला प्रतापसिंह जैन और स्व. लाला मनोहरलाल जैन के संयुक्त प्रयास से ध्वस्त मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ। इस काल…