जैनधर्म एवं पर्यावरण—संरक्षण!
जैनधर्म एवं पर्यावरण—संरक्षण प्राचार्य निहालचंद जैन आज विश्व में—एक चेतावनी, चिन्तन और चेतना का दौर सा चल रहा है। चेतावनी का विषय है—पर्यावरण, चिन्तन का विषय है—पर्यावरण प्रदूषण और चेतना का विषय है—‘पर्यावरण का संरक्षण’। मनुष्य अपने स्वार्थ एवं आमोद—प्रमोद के लिए अतुल प्राकृतिक सम्पदा को नष्ट करने पर उतारू बना हुआ है । मनुष्य…