”चारित्र से ही निर्वाण की प्राप्ति” ‘हे भगवन्! मोक्ष की प्राप्ति का कारण क्या है ?’ ‘दर्शन१ ज्ञान है प्रधान जिसमें, ऐसा चारित्र इस जीव को देवेन्द्र, असुरेन्द्र और चक्रवर्ती के वैभव के साथ-साथ निर्वाण को प्राप्त करा देता है।’ ‘तो क्या चारित्र सांसारिक अभ्युदय और नि:श्रेयस इन दोनों फलों को दे सकता है ?’…
ज्ञान पचीसी व्रत विधि ज्ञान पचीसी व्रत में ग्यारस के ग्यारह उपवास और चौदश के चौदह उपवास ऐसे कुल पचीस व्रत होते हैं। यह व्रत ग्यारह अंग और चौदह पूर्वरूप ज्ञान की आराधना के लिए किया जाता है। इसको श्रावण सुदी चतुर्दशी से करने का विधान है। मतांतर से इस व्रत में दशमी के दश…
सदाबहार चुस्ती फुरती से जीना सीखें भूख लगने पर ही खायें—चुस्ती फुरती हेतु खाना तभी खाये जब आप भूख महसूस करें। भूख न होने पर जबरदस्ती भोजन न ठूंसे। इससे शरीर आलसी होता है और पेट खराब होता है। भूख लगने पर न खाने से शरीर को नुकसान होता है। खूब पानी पिएं—शरीर की चुस्ती…
परिंदों को कैसे लगता है तूफान का पता वाशिंगटन । एक शोध के मुताबिक पक्षी मौसमी तूफान के खतरे को समय से पहले भांप लेते हैं और तूफान से पहले ही क्षेत्र को छोड़ देते हैं। वैज्ञानिकों को लगता है कि पक्षियों के पास ऐसा सिक्स्थ सेंस है जिसकी मदद से वे ऐसी आवाज सुन…
रत्नत्रय सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यक्चारित्र को रत्नत्रय कहते हैं। इन तीनों की एकता ही मोक्षमार्ग है। इसके दो भेद हैं- (१) व्यवहार रत्नत्रय (२) निश्चय रत्नत्रय व्यवहार सम्यग्दर्शन जीवादि तत्त्वों का और सच्चे देव, शास्त्र, गुरु का २५ दोष रहित श्रद्धान करना व्यवहार सम्यग्दर्शन है। (इसका विस्तृत वर्णन तीसरे भाग में आ चुका है।) व्यवहार…
श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र एलोरा (औरंगाबाद-महा.) —अंबरकर राव क्षेत्र परिचय महाराष्ट्र में औरंगाबाद शहर से ३० कि.मी. दूरी पर एलोरा अतिशय क्षेत्र है। यहाँ की आबादी की दृष्टि से एलोरा छोटा सा दिखता है। फिर भी अपनी विशेष कलाकृति एवं मंदिरों के कारण विश्व में अद्वितीय माना गया है। यहाँ की प्रकृति नयन…
प्राणायाम एवम् योगासन प्राणायाम ‘प्राणायाम’ संस्कृत के दो शब्द ‘प्राण’ और ‘आयाम’ से मिलकर बना है। प्राण का अर्थ—जीवनी शक्ति (वायु) तथा आयाम का अर्थ है—विकास अथवा नियन्त्रण। प्राणायाम शब्द का अर्थ हुआ—जीवनी शक्ति को विकसित अथवा नियंत्रित करने की क्रिया। प्राणायाम की कुछ आवश्यक बाते हमें समझ लेनी चाहिए। हम नाक के बायें और…