सत्वेषु मैत्री— क्षमावाणी का उद्देश्य!
सत्वेषु मैत्री— क्षमावाणी का उद्देश्य जो गल्ती नहीं करता है, उसे भगवान कहते हैं। जो गल्ती करके सुधारता है, उसे इंसान कहते हैं। जो समझे न गल्ति को, उसे हैवान कहते हैं। जो करता गल्ती पर गल्ती, उसे शैतान कहते हैं।क्षमावाणी पर्वाधिराज पर्युषण पर्व के कलशारोहण का दिन है, पर्युषण पर्व का प्रारंभ क्षमा रूपी…