भ्रूण हत्या-एक अभिशाप
भ्रूण हत्या-एक अभिशाप इन्द्राणी की सखी-हे शचि इन्द्राणी ! आज आप कुछ चिन्तन की मुद्रा में हैं, बताइए ना, आप क्या सोच रही हैं? शचि इन्द्राणी (जम्बूद्वीप)-हाँ देवी! बात ही कुछ ऐसी है कि मेरा चिन्तन उस ओर चला गया। सखी-ऐसा क्या हुआ! क्या अपने स्वर्गलोक में कोई बात हुई है? शचि (जम्बूद्वीप)-नहीं देवी! आज…