खगोल शास्त्र एवं जैन ज्योतिष की प्राचीनता !
खगोल शास्त्र एवं जैन ज्योतिष की प्राचीनता सारांश जैन ज्योतिष एवं खगोल शास्त्र के इतिहास में सर्वप्रथम कालकाचार्य, भद्रबाहु तथा बाराह मिहिर का नाम लिया जाता हैं। जैन ग्रंथ सूर्य प्रज्ञप्ति गर्ग संहिता, ज्योतिष्करणक में ज्योतिष की अमूल्य ज्ञान राशि छिपी पड़ी है। वेदांग ज्योतिष ने भी इन्हें आधार माना है। श्वेताम्बर जैन आगम कल्पसूत्र…