कतिपय मण्डल विधानों की समीक्षा
परम पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी की सुशिष्या परम पूज्य आर्यिकरत्न श्री चंदनामती माताजी ने २५० ग्रंथों की रचना की है उनमें से भक्तिमार्ग दवारा भक्तों को देव, शास्त्र ,गुरु के प्रति अगाध श्रद्धा जाग्रत कर पुण्य प्राप्ति का माध्यम प्रदान करते हुए उन्होंने अनेक मंडल विधानों की रचना की है | उनमें भी अत्यंत लोकप्रिय विधानों का सार इस आलेख में प्रस्तुत किया गया है | वास्तव में भक्ति मार्ग के दवारा प्रत्येक प्राणी सरलता से अपने कर्मों की निर्जरा कर महान पुण्य का बंध कर सकता है |