परमात्मराजस्तोत्र!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमात्मराजस्तोत्र :A book written on devotional prayer.एक भक्ति विषयक रचना।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमात्मराजस्तोत्र :A book written on devotional prayer.एक भक्ति विषयक रचना।
उपवन भूमि The 4th land of Samavasharana (garden like) . समवशरण की चैाथी भूमि जहाँ चारों दिशाओं में अशोक सप्तच्छद चंपक और आम्र के वृक्षों के वन होते हैं जिनमें से प्रत्येक के मध्य में चैत्य वृक्ष पर भगवान की प्रतिमा विराजमान रहती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपबृंहक See – Upagýhana . आत्मगुणों को बढ़ाने वाला देखें-उपगूहन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हाहा – Haahaa. A type of peripatetic deity. A large unit of time. गंधर्व नामा व्यंतर जाति का एक भेद। काल का एक प्रमाण, 84 लाख हाहांग त्र 1 हाहा।
उपलब्धि Perception, Acquision, Achievement . वस्तु तŸव का उपलठध किया जाना या ग्रहण किया जाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हल – Hala. Plough, a divine weapon possessed by Ram. कृषि के लिए उपयोग मे आने वाला एक यंत्र, देवोपुनीत एक अस्त्र-महालोचन देव न उन्हे यह अस्त्र रामचंद्र जी को दिया था।
उपपाश्र्वसभा Subplace (a hall) in the residence of peripatetic deities . व्यंतर देवों के भवनों में पश्चिम उत्तर दिशा में स्थित एक ग्रह।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिनंदि – Harinamdi. Name of a Bhattarak of Nandi group. नंदिसंध बलात्कारयण भट्टारक आम्नाय की उज्जयिनी गट्ठी के एक भट्टारक महीचन्द्र के गुरु। समय – वि. 948।