पार्वतेय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्वतेय – Parvateya. A type of Vidyadhars of Matang caste. मातंग्ड जाति विध्याधरों का एक भेद; हरे रंग के वस्त्रों से तथा नाना प्रकार की माला व् मुकुटों से युक्त “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्वतेय – Parvateya. A type of Vidyadhars of Matang caste. मातंग्ड जाति विध्याधरों का एक भेद; हरे रंग के वस्त्रों से तथा नाना प्रकार की माला व् मुकुटों से युक्त “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमतिदेव – Sumatideva. Name of the great Acharya, the writer of ‘Sanmati Tarak Tika’. मूलसंघ में कुन्दकुन्द आचार्य परम्परा के एक आचार्य सन्मति तर्क टीका ग्रन्थ के रचयिता । समय – ई0 श0 7-8 ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारमार्थिक सुख – Parmarthika Sukha. Supreme enjoyment, spiritual bliss, परम, सर्वोत्कृष्ट एवं यथार्थ आत्मिक सुख “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == ममत्व : == ममता खट परै रगे, ओनीदे दिन रात। लेनो न देनो इन कथा, भोरे ही आपत जात।। —आनन्दघन ग्रंथावली :: पद : ३५ ममता नारी में यदि कोई गुण है तो वह है मोहित करने का। किन्तु वह स्वर्ण—कटार किस काम की, जिसका स्पर्श—मात्र प्राणान्त का…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मील–Miil. Mile; A measurement unit of area. क्षेत्र का एक प्रमाण विशेष”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पापास्त्रव – Papasrava. Influx of sinful Karmas. देखें- पाप आस्त्रव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाप – Papa. Sinful activities, Moral guilt, Demerit. आत्मा को मलिन करने वाली अशुभ क्रिया; इसके ५ भेद है- हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरजा – Viraja. Name of the prime city in Nalin Kshetra (region) ‘of west videh (region), Name of a vapi (like large lake) situated in southern Nandishvardvip (is- land). अपर विदेह के नलिन क्षेत्र की प्रधान नगरी, नन्दीश्वर द्वीप की दक्षिण दिशा में स्थित वापी “
देवपुत्र Name of the 6th predestined Tirthankar (Jaina-Lord). भावीकालीन तेईसवें तीर्थंकर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]] A worshipper of Lord Arihant. भावीकालीन छठवें तीर्थंकर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पात्रदान :Offering food etc. to worthy persons (ascetics etc).तपस्वी आदि सुपात्रो को आहारदि दान देना।