प्रतिपक्ष!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपक्ष – Pratipaksha. Rival party, Rival view, opponent. विरोधी धर्म अथवा पक्ष “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपक्ष – Pratipaksha. Rival party, Rival view, opponent. विरोधी धर्म अथवा पक्ष “
तन्त्रयुक्ति Administrative (Governing) policy. नियत्रण, प्रशासन करने की नीति।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिक्रमण – Pratikramana. Penitential retreat, Expiatory recitals. प्रमाद के द्वारा किये दोषों का निराकरण करना अर्थात् लगे हुए दोषों की विशुद्धिजिसके द्वारा होती है वह प्रतिक्रमण है “
तदाभास To have same impression. उस जैसा अनुभव होना (आवश्यक नहीं कि वह सत्य हो) । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पवती स्त्री – Puspavati Stri. Mensturous Woman. मासिक धर्म वाली स्त्री अर्थात् रजस्वला स्त्री. तीन दिन के अशौच काल में महिलाओं को किसी का भी स्पर्श करना वर्जित है, चतुर्थ दिवस स्नान के बाद घर के काम आदि के लिए शुध्द होती हैं लेकिन पूर्ण शुध्दि के पश्चात् ही पूजन- आहारदान का अधिकार होता…
जयंत Name of an ‘Anuttar’ heaven, Name of a summit of Ruchak mountain, A door of Jambudvip (an island), Cities in the north & south of Vijayardh mountain, Name of a planet and a demigod. एक अनुत्तर स्वर्ग का नाम , रूचक पर्वत का एक कूट , जम्बूद्वीप की जगती का द्वार , विजयार्ध की…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पक – Puspaka. Name of the 3rd Indrak & Patal (layer) of Anata Pranar heaven, Name of the forest where Tirthankar (Jaina-Lord) Pushpadantnath got initiation as well as omniscience. आनत प्रणाम स्वर्ग का तृतीय पटल व् इंद्रक, तीर्थंकर पुष्पदंतनाथ के दीक्षा एवं केवलज्ञान वन का नाम “
तत्ववती धारणा Auspicious conceptual meditation with contem-plation. पिंडस्थ ध्यान की एक धारणा जिसमें अपनी आत्मा को अतिशय युक्त, सिंहासन पर आरूढ,कल्याण की महिमा सहित देव, दानव धरणेन्द्रादि से पूजित है, ऐसा चिन्तन करना। तत्पश्चात अपने शरीर में प्राप्त आठों कर्मो से रहित निर्मनल पुरूषाकार आत्मा का चिंतवन करना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषवेद सिध्द – Purusaveda Siddha. Beings who get salvation through the form of Purushved. पुरुषवेद (द्रव्य एवं भाव) से सिध्द होने वाले जीव “
उद्योत शुद्धि Careful act of walking (in day light). सूर्य के प्रकाश में जब साफ भूमि दिखने लगे तब मुनि 4 हाथ भूमि देखकर चलते हैं इसे ही उद्योतशुद्धि कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]