चातुर्वर्ण्यसंघ
१०. चातुर्वर्ण्यसंघ चतुर्वर्ण श्रमण संघ से ऋषि, मुनि, यति और अनगार ऐसे चार भेद रूप साधु लिये जाते हैं। १. ऋषि-ऋद्धि को प्राप्त हुए साधु ऋषि कहलाते हैं। इनके भी चार भेद हैं-राजर्षि, ब्रह्मर्षि, देवर्षि और परमर्षि। विक्रिया ऋद्धि और अक्षीण ऋद्धिधारी राजर्षि हैं। बुद्धि ऋद्धि और औषधि ऋद्धिधारी ब्रह्मर्षि हैं। गगन गमन ऋद्धि से…