पुलाक आदि मुनि!
८. पुलाक आदि मुनि मुनियों के पाँच भेद-पुलाक, वकुश, कुशील, निर्ग्रन्थ और स्नातक। पुलाक जिनका चित्त उत्तरगुणों की भावना से रहित है और व्रतों में भी क्वचित् कदाचित् परिपूर्णता को प्राप्त नहीं कर पाते हैं अर्थात् पाँच महाव्रतों में भी दोष लग जाते हैं। बिना शुद्ध हुए (किंचित् लालिमा सहित) धान्य सदृश होने से वे…