पुद्गल :!
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:सूक्तियां ]] == पुद्गल : == अणुस्कन्धविकल्पेन तु, पुद्गलद्रव्यं भवति द्विविकल्पम्। स्कन्धा: खलु षट्प्रकारा:, परमाणुश्चैव द्विविकल्प:।। —समणसुत्त : ६४० अणु और स्कन्ध के रूप में पुद्गल—द्रव्य दो प्रकार का है। स्कन्ध छ: प्रकार का है और परमाणु दो प्रकार का है—कारण—परमाणु और कार्य—परमाणु। अतितस्थूलस्थूला: स्थूला: स्थूलसूक्ष्माश्च सुक्ष्मस्थूलाश्च। सूक्ष्मा अतिसूक्ष्मा इति, धरादयो भवन्ति…