भरत चक्रवर्ती और भारत देश एक छत्र हिमवान से समुद्र पर्यन्त छह खण्ड में शासन करने वाले ऋषभपुत्र भरत चक्रवर्ती के नाम पर ही इस देश का नाम भारत वर्ष प्रसिद्ध हुआ। इन्हीं के नाम से प्रसिद्ध इस देश को सम्राट् खारवेल ने भी अपने ऐतिहासिक शिलालेख में भारतवर्ष (भरधवस) लिखकर चक्रवर्ती भरत के काल…
विदेशों में जैन साहित्य लंदन स्थित अनेक पुस्तकालयों में भारतीय ग्रंथ विद्यमान हैं, जिनमें से एक पुस्तकालय में तो लगभग १५०० हस्तलिखित भारतीय ग्रंथ हैं और अधिकतर ग्रंथ प्राकृत—संस्कृत भाषाओं में हैं और जैनधर्म से सम्बन्धित हैं। जर्मनी में लगभग ५ हजार पुस्तकालय हैं। इनमें से र्बिलन स्थित एक पुस्तकालय में १२ हजार भारतीय हस्तलिखित…
भारत की प्राचीन भाषा : प्राकृत मूल मंत्र : णमोकार णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आइरियाणं।णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्वसाहूणं।। प्राकृत एक लोकभाषा है अत: इसका अस्तित्त्व उतना ही पुराना है, जितना कि लोक। १-प्राक्—कृत · प्राकृत—पुराकाल से प्राचीन जनभाषाओं को प्राकृत कहते हैं। संस्कृत के समान प्राकृत का क्षेत्र व काल विस्तृत रहा है।…
वीर निर्वाण संवत् सबसे प्राचीन विभिन्न धर्मों में अपने महापुरुषों के नाम से संवत् चलाने की परम्परा रही है। जैनधर्म में भी भगवान महावीर की निर्वाणतिथि के आधार पर वीर निर्वाण संवत् का प्रचलन है। यह हिजरी, विक्रम, ईसवी, शक आदि संवतों से अधिक पुराना है एवं जैनधर्म की प्राचीनता व अपने स्वतंत्र मान्यता का…
सुज्ञान प्रकाश प्रश्नोत्तरी ”महामंत्र प्रश्नोत्तरी ” प्रश्न १.विश्व में सबसे बड़ा मन्त्र कौन सा है ? उत्तर – विश्व में सबसे बड़ा मंत्र ”णमोकार मंत्र” है “ प्रश्न २.णमोकार मंत्र किसे कहते है ? उत्तर- जिस मंत्र में पञ्च-परमेष्ठियों को नमस्कार किया जाता है उस मंत्र को “णमोकार मंत्र” कहते है “