अनुबद्ध केवली स्तोत्र
1 2 3 4 5 6 7 अनुबद्ध केवली स्तोत्र गीता छंद href="https://encyclopediaofjainism.com/tag/tirthankaras/">तीर्थंकरों के तीर्थ में अनुबद्ध केवलि जिन हुये। बहुतेक यतिगण शिव गये बहुतेक अनुत्तर गये।। बहुतेक मुनि सौधर्म आदिक ग्रैवेयक तक भी गये। उन सर्व यति की यहां वंदना करते सब सुख भये।।१।। शंभु छंद जिस दिन तीर्थंकर मुक्ति गये उस दिन हो...