गन्धोदक एक विवेचन!
गन्धोदक एक विवेचन पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमति माताजी ने कतिपय विद्वानों एवं श्रद्धालु भक्तों के विशेष आग्रह पर अपने संघर्षशील जीवन पर आधारित आत्मकथा के रूप में ‘‘मेरी स्मुतियां’’ नामक ग्रंथ लिखकर दिगम्बर जैन चतुर्विध संघ परम्परा का एक जीवन्त दस्तावेज प्रस्तुत किया है। इसे पढ़ने वाले पाठक एक रोमांचक उपन्यास की भांति दिन-रात…